गीता में श्रीकृष्ण ने मोह बताया है

Aug 19, 2016 by

गीता में श्रीकृष्ण ने मोह बताया है

ये जो कुल्फी खाते हुये
एक हंथेली कुल्फी के नीचे लगाये रहते हो ना…

इसे ही गीता में श्रीकृष्ण ने मोह बताया है.
😂😂😜😜😜

Or

और कुल्फी खतम होने के बाद भी जो डण्डी चाटते ही रहते हो ना….

इसे ही गीता में श्रीकृष्ण ने लोभ कहा है
🙏😀🙏
😂😂😜😜😜

और डण्डी फेकने के बाद , सामने वाले की कुल्फी देखकर सोचना कि उसकी खत्म क्यों नहीं हुई,

इसे गीता मे ईष्या कहा गया है,
☺😂😀😌😋

और कुल्फी खतम होने से पहले डऩ्डी से नीचे गिर जाये और केवल डण्डी हाथ मे रह जाये तब तुम्हारे मन में जो आता है…. 😁

इसे ही गीता मे क्रोध कहा है 😡
और इसे पढ़कर जो हंसी आती है ना उसे मोक्ष कहते है…..😊

ये जो तुम मेसेज़ भेजने के बाद
बार बार दो नीली धारियाँ चेक
करते हो ना …
इसे ही शास्त्रों में ‘उतावलापन’ कहा गया है…😊

ये घरवाले जो जगाने के लिए सुबह-सुबह कूलर-पंखा बंद कर देते है,
शास्त्रों में इसे ही छल कपट कहा गया है…

फ्रूटी खत्म होने के बाद ये जो आप स्ट्रा से सुड़प-सुड़प करके आखिरी बून्द तक पीने की कोशिश करते हो न….

शास्त्रो में इसे ही मृगतृष्णा कहा गया है😜😜

ये जो तुम लोग केले 🍌 खरीदते वक्त, अंगूर 🍇 क्या भाव दिये ? बोल के 5-7 अंगूर खा जाते हो ना……शास्त्रो में इसे ही “अक्षम्य अपराध” कहा गया है।😂😂😜😜😜😜

और ताला लगाने के बाद उसे पकड़ कर खींचते हो ना……
इसे ही शास्त्रों में ‘भय’ कहा गया है 👹😂😂

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